तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकर….
ओ मैया दर्शन दो एक बार ओ मैया दर्शन दो एक बार….
किसने मैया तेरा भवन बनाया
किसने छत्र चढ़ाया ओ मैया किसने छत्र चढ़ाया
तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकर…
पांचों पांडव भवन बनाया अर्जुन चढ़ाया छत्र ओ मैया अर्जुन छत्र चढ़ाया ओ मैया
तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकर
किसने मैया तेरा दीप जलाए
किसने लगाए भोग ओ मैया किसने लगाए भोग तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकर…
कुंती ने मैया तेरे दीप जलाए
द्रौपदी लगाए भोग ओ मैया द्रौपदी लगाए भोग तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकार…
काहे के काने मैया दीप जलाए
काहे के कारण भोग ओ मैया काहे के कारण भोग तेरी जोत जले तेरा भोग लगे तेरी हो रही जयजयकर…
उजियारे करन मैया दीप जलाए
तुझको मनावन भोग मैया, ओ मैया तेरी हो रही जयजयकर…

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