aaj hamko bta de tu sanvariya (आज हमको बता दे तू सांवरिया)

आज हमको बता दे तू सांवरिया

किस तरह से बजाई तूने बांसुरिया

इतनी कयूँ मुरली है तुमको प्यारी
हमको बता दे ओ बाँके बिहारी
क्यों सौतन बनायी तूने बाँसुरिया
किस तरह से….
तेरी ये मुरली हमको सतावे
कयूँ मुरली को दिल से लगावे
कयूँ अपनी बनाई ये बाँसुरिया
किस तरह से…
राधा भी छोड़ी तूने गोकुल भी छोड़ा
क्यूँ गोपियन से नाता तोड़ा
नहीं छोड़ी कन्हैया तूने बाँसुरिया
किस तरह से….
जब मुरली को हाथों में उठावे
इसकी धुन पर सबको नचावे
कैसी प्रीति लगायी तुने साँवरिया
किस तरहसे…

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